Connect with us

मुख्य सचिव ने राज्य में तकनीकी शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयास करने के दिए निर्देश…

उत्तराखंड

मुख्य सचिव ने राज्य में तकनीकी शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयास करने के दिए निर्देश…

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून के छः परिसर संस्थानों हेतु राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं से वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने संबंधी बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को राज्य में तकनीकी शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयास करने के साथ संस्थानों में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के विकास तथा फैकल्टी की समुचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में विश्वविद्यालय के परिसरों में छात्रों को आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध होने से इनमें संचालित विषयों में छात्रों की संख्या बढ़ेगी तथा जिन उद्देश्यों के लिए इन परिसरों की स्थापना की गई है उसका उद्देश्य भी पूरा हो सकेगा।

मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय से प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर, पिथौरागढ, टनकपुर, बौन (उत्तरकाशी) डब्ल.ू आईटी. देहरादून में हॉस्टल निर्माण के साथ अन्य आवश्यक आवासीय भवनों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा, ताकि छात्रों के साथ प्रमुख फैकल्टी को आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध हो सके।

मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को अपने आय के संसाधनों में वृद्धि के साथ अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर होने वाले व्यय का प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने को कहा, ताकि उस पर शासन स्तर पर विचार कर नीतिगत निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने के लिए आवश्यक है कि इनमें हॉस्टल की सुविधा हो फैकल्टी की व्यवस्था हो तथा आवश्यक उकरण एवं अन्य संसाधन उपलब्ध हो। मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय के कुलपति से अपेक्षा की है कि विश्वविद्यालय परिसरों के कार्य-कलापों को बेहतर ढंग से संचालित किए जाने संबंधी विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराया जाए। इसमें अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर आने वाले व्यय भार को भी स्पष्ट किया जाए ताकि प्राप्त प्रस्तावों पर वित्त विभाग से परामर्श के साथ शासन स्तर पर विचार करते हुए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के कार्य-कलापों तथा परिसरों के वर्तमान संसाधनों, अवस्थापना सुविधाओं आदि की जानकारी दी गयी। बैठक में सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, वी. षणमुगम, रजिस्ट्रार राजेश उपाध्याय, निदेशक डब्ल्यू. आईटी. मनोज पाण्डा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
                   

👉 हमारे वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

                   

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें

Latest News -
Continue Reading
Advertisement
Advertisement

Advertisement

देश

देश
Advertisement

Advertisement Video

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
To Top