Connect with us

चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए मंथन करेंगे…

उत्तराखंड

चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए मंथन करेंगे…

उत्तराकॉन-2024 में चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए मंथन करेंगे। वैसे तो डॉक्टर्स को मेडिकल की पढ़ाई के समय ही चीर-फाड़ (सर्जरी) कर मजबूत बनाया जाता है लेकिन व्यक्ति का स्थितिप्रज्ञ होना जरूरी है।

व्यक्ति में तपत्व होना जरूरी है तभी चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकता है। इस सम्मेलन से चिकित्सा क्षेत्र में नए-नए अनुसंधान देवभूमि को प्राप्त होंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कही।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परिणाम हमारे हाथों में नहीं होता है, प्रयास हमारे हाथों में होता है इसलिए प्रयास ईमानदारी से करना चाहिए। विशेषकर चिकित्सकों को प्रयास में कमी नहीं करनी चाहिए और कमी करते भी नहीं है। डॉक्टर्स को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है, भगवान ने डॉक्टर्स को यह सुनहरा अवसर दिया है कि किसी की भी जिंदगी बचा सकते हैं, स्वास्थ्य सुधार सकते हैं।

इस अवसर का डॉक्टर्स को सही से उपयोग किया जाए तो जीवन में निश्चित ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि किस तरह नरेंद्र से विवेकानंद बने। महज 39 वर्ष की आयु में उन्होंने देह त्याग दिया था लेकिन वह प्रेरणा दे गए कि इंसान अनंत तक जा सकता है। जिस दिशा में जितना जाना चाहता है जा सकता है, बस प्रयास की जरूरत है।

सीएम ने कहा कि सभी धार्मिक, वैदिक ग्रंथ कहते हैं कि सभी शारीरिक अंगों के निर्माण पर मनुष्य का जीवन मिलता है इससे पूर्व 84 लाख योनियों में घूमना पड़ता है। मेडिकल साइंस के ऐसे साथी जो विदेशों में रहते हैं वे भारतीय पद्धतियों की अलग गणना करते हैं लेकिन अब मेडिकल साइंस भी शास्रों व वेदों को मानने लगा है। दुनिया हमारे ऋषि-मुनियों की पद्धति पर चल रही है।

मनुष्य जन्म विशिष्ट कर्म के लिए मिला है इसे सफल व सार्थक बनाना चाहिए। जीवन सफल व सार्थक बनाने के लिए चिकित्सा क्षेत्र से ज्यादा कुछ नहीं हो सकता है। इस समाज को चिकित्सकों से बहुत अपेक्षाएं होती हैं इसलिए उन्हें भी वैसे व्यवहार व काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान योजना, प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज, एम्स के नए केंद्रों की स्थापना समेत कई अभूतपूर्व काम हो रहे हैं। कोविड-19 में स्वदेशी वैक्सीन बनाकर 100 देशों को आपूर्ति कर दुनिया का भारत के प्रति विश्वास मजबूत किया है।

उन्होंने उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि देश में पहली बार एयर एंबुलेंस की सेवा शुरू की है। इसका शुभारंभ धनवंतरि दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इससे सड़क हादसों के घायलों, दूरस्थ क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को तत्कालिक चिकित्सकीय सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा 207 पैथोलॉजी जांचें निशुल्क की जा रही हैं। ई-संजीवनी सेवाएं मरीजों को दी जा रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  भाजपा की जीत पर देहरादून में जश्न, धामी बोले—गंगोत्री से गंगासागर तक देश भगवामय…

मधुमेह, रक्तचाप, मुंह व स्तन कैंसर की भी निशुल्क जांच सुविधा दी जा रही है। सीएम ने कहा कि सिर्फ चिकित्सा ही नहीं बल्कि कई क्षेत्रों में राज्य देश के अन्य राज्यों से आगे है। नीति आयोग की ओर से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में राज्य प्रथम रहा। बेरोजगारी कम करने व रोजगार देने में राज्य अव्वल रहा। बाहरी निवेश में प्रथम पांच, स्टॉर्ट अप व ईज ऑफ डूइंग में भी अग्रणी संख्या में हैं।

इस अवसर पर उन्होंने आईएमए के नवनियुक्त चेयरमैन डॉ केसी शर्मा को पटका भी पहनाया। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ के सी लोहानी, डॉ पंकज गुप्ता, डॉ अरुण कपूर, डॉ के सी शर्मा डॉ संजय जुयाल, डॉ प्रदीप पांडेय, डॉ मोहन सती , डॉ मोहन तिवारी, डॉ संदीप अग्रवाल, डॉ नीलांबर भट्ट डॉ जे एस भंडारी आदि मौजूद रहे।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
                   

👉 हमारे वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

                   

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें

Latest News -
Continue Reading
Advertisement
Advertisement

Advertisement

देश

देश
Advertisement

Video ADVERTISEMENT

Facebook

Title

ट्रेंडिंग खबरें

To Top