उत्तराखंड
चंपावत के युवा प्रतिभाओं को मंच दे रहे जिलाधिकारी, कर रहे हैं मार्गदर्शन
चंपावत: जनपद की 25 वर्षीय युवा कलाकार लक्षिता जोशी ने अपनी रचनात्मकता और लोक कला ‘ऐपण’ के प्रति अपने समर्पण से एक पहचान बनाई है। बाराकोट ब्लॉक के रेंगडु गांव की निवासी लक्षिता ने पारंपरिक ऐपण कला को आधुनिकता के साथ जोड़कर इसे डिजिटल युग में भी जीवंत रखने का सराहनीय प्रयास किया है।
लक्षिता ने जिलाधिकारी मनीष कुमार से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की और अपनी बनाई हुई ऐपण कलाकृतियाँ उन्हें भेंट कीं। उनकी कलाकृतियों से प्रभावित होकर जिलाधिकारी ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “ऐसी प्रतिभाएं जनपद की पहचान हैं, और इन्हें उचित मंच प्रदान कर प्रोत्साहित करना हम सभी का दायित्व है।”
लक्षिता जोशी न केवल पारंपरिक गेरू और चावल के आटे (बिस्वार) से कलाकृतियाँ बनाती हैं, बल्कि उन्होंने अपनी कला को बड़े कैनवस और नए माध्यमों पर भी प्रस्तुत करना शुरू किया है। उनका मानना है कि इस डिजिटल युग में पारंपरिक कला और संस्कृति को विलुप्त नहीं होने देना चाहिए। वे ऑनलाइन माध्यमों से भी अपनी ऐपण निर्मित वस्तुओं को बेचकर इस कला को आय का एक सशक्त साधन बना रही हैं, जिससे यह स्वरोजगार का एक बेहतरीन उदाहरण बन रहा है।
जिलाधिकारी कुमार ने लक्षिता को उनकी पढ़ाई के साथ-साथ इस कला को निरंतर विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने उन्हें जनपद में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा को और निखारने के लिए प्रेरित किया। इस सम्मान और मार्गदर्शन से उत्साहित होकर लक्षिता ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रोत्साहन उनके लिए गर्व की बात है और उन्हें भविष्य में और अधिक परिश्रम करने की प्रेरणा देगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार जनपद के ऐसे सभी प्रतिभाशाली युवाओं को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान कर रहे हैं, ताकि वे अपनी प्रतिभा का सही उपयोग कर सकें और जनपद का नाम रोशन कर सकें। इस दौरान उनके साथ उनके मित्र सुमन बोहरा और सौरभ मौजूद रहे।
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